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Friday, July 20, 2012
Thursday, July 12, 2012
"याद आया "
कोई वक़्त पुराना याद आया।
फिर दौर सुहाना याद आया।
और चुपके से मिलने का बहाना याद आया।
मेरा ये कहना कोई देख ना ले।
तेरा वो घबराना याद आया।
बारिश के गिले मौसम में।
तेरा हाथ हिलाना याद आया।
वो वक़्त गए बीते लम्हे।
पग पग में याद साथ याद आया।
बस एक मंज़र आँखों में है।
अब हर जानिब तन्हाई है।
अब हर जानिब तन्हाई है।
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